मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को 'आतंकवादी' बताया: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में बड़ा राजनीतिक विवाद

Mallikarjun Kharge addresses press conference in Chennai calling PM Modi terrorist

चेन्नई, 21 अप्रैल 2026 – कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में तूफान मचा दिया है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के आखिरी दिन चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए विवादास्पद शब्दों का इस्तेमाल किया। AIADMK के BJP के साथ गठबंधन पर निशाना साधते हुए खड़गे का यह बयान तुरंत क्लैरिफाई कर दिया गया, लेकिन BJP ने इसे 140 करोड़ भारतीयों का अपमान बताया है।

यह घटना 23 अप्रैल को होने वाले तमिलनाडु चुनाव के ठीक पहले आई है और DMK-Congress गठबंधन बनाम AIADMK-BJP गठबंधन के बीच तनाव को और बढ़ा रही है।

खड़गे का मूल बयान क्या था?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़गे ने कहा: “AIADMK कैसे पीएम मोदी के साथ गठबंधन कर सकती है? वह एक आतंकवादी हैं। वह समानता में विश्वास नहीं रखते। उनकी पार्टी समानता और न्याय में विश्वास नहीं करती... ये लोग लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री को “झूठा”, “महिला विरोधी” और “गरीब विरोधी” भी करार दिया।

खड़गे का तुरंत क्लैरिफिकेशन

जब पत्रकारों ने बयान पर सवाल किया तो खड़गे ने तुरंत सफाई दी: “मैंने कभी यह नहीं कहा कि वह आतंकवादी हैं। मेरा मतलब था कि मोदी हमेशा **धमकियां** देते हैं। ED, Income Tax और CBI उनके नियंत्रण में हैं। वे डिलिमिटेशन भी अपने हाथ में लेना चाहते हैं। इसलिए मैंने कहा कि वे लोगों और राजनीतिक दलों को आतंकित कर रहे हैं।”

खड़गे ने स्पष्ट किया कि उनका इशारा केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और दक्षिण भारत के डिलिमिटेशन मुद्दे की ओर था।

BJP का सख्त पलटवार

BJP ने बयान को “अत्यंत आपत्तिजनक” बताया।

- केंद्रीय मंत्री पियूष गोयल ने खड़गे और तमिलनाडु CM MK Stalin से बिना शर्त माफी की मांग की।

- BJP प्रवक्ताओं ने इसे “कांग्रेस की हताशा” और “संस्थागत अपमान” करार दिया।

- तमिलनाडु BJP अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने सार्वजनिक माफी की मांग की।

BJP का कहना है कि ऐसे बयान लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।

तमिलनाडु चुनाव 2026 का पूरा संदर्भ

यह विवाद 23 अप्रैल 2026 को होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में आया है। खड़गे दक्षिण भारत में BJP के प्रभाव को रोकने के लिए DMK-Congress गठबंधन के प्रचार में शामिल थे। डिलिमिटेशन (लोकसभा सीटों का पुनर्निर्धारण) मुद्दा दक्षिणी राज्यों में काफी संवेदनशील है, जिसे खड़गे ने बार-बार उठाया है।

राजनीतिक विश्लेषण

विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान BJP को चुनावी फायदा दे सकता है क्योंकि यह “राष्ट्रीय भावनाओं” को छूता है। वहीं कांग्रेस इसे “संस्थागत दबाव” का मुद्दा बता रही है। सोशल मीडिया पर #KhargeModiRow और #TamilNaduElections2026 तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।

अपडेट: मामला अभी भी विकास की प्रक्रिया में है।

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