अलीगढ़, 24 मार्च 2026: प्यार के चक्कर में बिना पासपोर्ट-वीजा के पाकिस्तान पहुंचे उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के युवक बादल बाबू अभी भी पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। उनके माता-पिता अब बेटे से मिलने के लिए सरहद पार जाने की तैयारी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के वकील मोमिन मलिक ने परिवार को पूरा सहयोग देने का भरोसा दिलाया है।
अलीगढ़ के नगला खिटकारी गांव के रहने वाले 20 वर्षीय बादल बाबू दिसंबर 2024 में अपनी पाकिस्तानी प्रेमिका सना से मिलने के लिए अवैध रूप से सीमा पार कर गए थे। पासपोर्ट और वीजा न होने के कारण पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तब से वे जेल में हैं। शुरू में उन्हें लाहौर डिटेक्शन सेंटर में रखा गया था, लेकिन कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण उन्हें वापस जेल भेज दिया गया।
माता-पिता की पाकिस्तान यात्रा की तैयारी तेज
बादल के पिता कृपाल सिंह और मां गायत्री देवी बेटे को देखने के लिए बेताब हैं। कृपाल सिंह ने बताया कि पासपोर्ट की सारी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। पासपोर्ट 15 मार्च को मिलना था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से अभी तक नहीं पहुंचा है। जैसे ही पासपोर्ट हाथ लगेगा, वे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट के प्रसिद्ध वकील मोमिन मलिक ने परिवार को विशेष सहायता का वादा किया है। वे खुद माता-पिता के साथ पाकिस्तान जाएंगे और जेल में मुलाकात की सभी औपचारिकताएं पूरी कराएंगे। वकील मोमिन मलिक ने परिवार से सभी जरूरी दस्तावेज मांगे हैं ताकि दिल्ली स्थित दूतावास और संबंधित सरकारी विभागों की मंजूरी समय पर मिल सके।
पाकिस्तानी वकील ने दी जानकारी
पाकिस्तान में बादल के केस की पैरवी कर रहे स्थानीय वकील फियाज रामे ने कृपाल सिंह को फोन पर बताया कि सुरक्षा नियमों के कारण जेल के अंदर मोबाइल फोन ले जाना वर्जित है। इसलिए फिलहाल बादल से सीधे फोन पर बात करना संभव नहीं है। वकील रामे लगातार मामले पर नजर रखे हुए हैं और परिवार को हर अपडेट देते रहते हैं। मंगलवार को कृपाल सिंह अलीगढ़ में अधिकारियों से मुलाकात करने वाले हैं। वे अपने दस्तावेज पूरे कराने और सरकारी मदद हासिल करने के लिए इस बैठक को महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
परिवार की भावनाएं
मां गायत्री देवी ने बताया, “हम दिन-रात अपने बेटे को देखने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। भगवान से बस यही दुआ है कि जल्द से जल्द हम उसे अपनी गोद में ले सकें।” पिता कृपाल सिंह ने भी उम्मीद जताई कि पासपोर्ट मिलते ही वे पाकिस्तान पहुंचकर बेटे से मिल सकेंगे।
यह मामला प्यार और सीमा के बीच की जटिलताओं का उदाहरण है। बादल बाबू की कहानी सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रही, जहां कई लोग उनके परिवार के साथ सहानुभूति जता रहे हैं। परिवार अब सभी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है। सुप्रीम कोर्ट वकील मोमिन मलिक की मदद से उम्मीद है कि जल्द ही माता-पिता अपने बेटे से मुलाकात कर सकेंगे। हमारी न्यूज टीम मामले पर नजर बनाए हुए है और किसी भी नई अपडेट पर तुरंत सूचित करेगी।
भारतीय-पाकिस्तान प्रेम विवाह मामले: सरहद पार प्यार की अनोखी कहानियां
नई दिल्ली, 24 मार्च 2026: भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव भले ही गहरा हो, लेकिन प्यार की कहानियां सरहदों को नहीं मानतीं। सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग या तीर्थ यात्रा के जरिए शुरू हुई कई प्रेम कहानियां आज विवाह तक पहुंच चुकी हैं। हालांकि इनमें से ज्यादातर मामलों में वीजा, कानूनी जटिलताएं, परिवार की आपत्ति और सुरक्षा मुद्दे बड़े चुनौती बन जाते हैं। आइए जानते हैं कुछ चर्चित भारतीय-पाकिस्तानी प्रेम विवाह मामलों के बारे में।

1. सीमा हैदर-सचिन मीणा: PUBG से शुरू हुई लव स्टोरी
सबसे चर्चित मामला है पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर का। 2023 में कराची की रहने वाली सीमा अपने चार बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत पहुंचीं। उन्होंने नोएडा के सचिन मीणा से PUBG खेलते हुए दोस्ती की थी, जो बाद में प्यार में बदल गई। दोनों ने शादी कर ली, लेकिन सीमा पर अवैध प्रवेश का केस दर्ज हुआ। अदालत और सरकार की दखल के बाद मामला सुलझा। यह कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हुई और दोनों देशों में बहस छेड़ दी।
2. बादल बाबू-सना: अलीगढ़ युवक का पाकिस्तान जाना
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के नगला खिटकारी गांव के युवक बादल बाबू ने दिसंबर 2024 में अपनी पाकिस्तानी प्रेमिका सना से मिलने के लिए बिना पासपोर्ट-वीजा के सीमा पार कर ली। पाकिस्तानी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक साल की सजा पूरी होने के बाद भी जुर्माना और कागजी औपचारिकताओं के कारण वापसी में देरी हुई। बादल ने जेल में इस्लाम कबूल किया। उनके माता-पिता कृपाल सिंह और गायत्री देवी अब पाकिस्तान जाकर बेटे से मिलने की तैयारी में हैं। सुप्रीम कोर्ट वकील मोमिन मलिक परिवार की मदद कर रहे हैं।
3. सरबजीत कौर का पाकिस्तान विवाह विवाद
नवंबर 2025 में सिख तीर्थयात्री के रूप में पाकिस्तान गई 48 वर्षीय भारतीय महिला **सरबजीत कौर** ने शेखपुरा के नासिर हुसैन से निकाह कर लिया। उन्होंने इस्लाम अपनाकर नाम बदलकर ‘नूर’ रख लिया। वीजा अवधि खत्म होने के बाद भी भारत नहीं लौटीं। पाकिस्तानी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर शेल्टर होम भेज दिया। परिवार का आरोप है कि उन्हें जबरन धर्मांतरण और शादी कराई गई। लाहौर हाई कोर्ट में मामला चल रहा है और भारत सरकार भी इस पर नजर रखे हुए है।
4. अंजू-नसरुल्लाह: राजस्थान से पाकिस्तान तक फेसबुक लव
राजस्थान की अंजू (35 वर्षीय, दो बच्चों की मां) ने फेसबुक पर पाकिस्तानी युवक नसरुल्लाह से दोस्ती की। 2024 में वे पाकिस्तान के अपर दिर पहुंचीं और कोर्ट मैरिज कर लीं। उन्होंने इस्लाम अपनाकर फातिमा नाम रखा। यह मामला भी सरहद पार प्रेम का ताजा उदाहरण बना।
भारत-पाकिस्तान में प्रेम विवाह के कानूनी पहलू
भारतीय कानून में किसी भारतीय का पाकिस्तानी नागरिक से विवाह करने पर कोई रोक नहीं है। स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत दोनों पक्षों की सहमति से शादी वैध मानी जाती है। लेकिन:
– वीजा और पासपोर्ट की सख्ती
– नागरिकता हासिल करने में देरी
– सुरक्षा एजेंसियों की जांच
पाकिस्तान की तरफ भी इसी तरह की जटिलताएं हैं। दोनों देशों में ऐसे कई जोड़े दुबई या तीसरे देश में शादी करके भारत-पाकिस्तान आते हैं। राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर, बाड़मेर जैसे इलाकों में पाकिस्तानी दुल्हनों से भारतीय दूल्हों की शादियां भी होती रहती हैं। इन कहानियों में प्यार तो जीतता नजर आता है, लेकिन रियलिटी अलग है। परिवार का विरोध, सामाजिक दबाव, राजनीतिक माहौल और कानूनी लड़ाई इन जोड़ों की राह मुश्किल बना देते हैं। फिर भी हर साल कुछ नई कहानियां सामने आती हैं जो साबित करती हैं कि दिल की सरहदें सबसे मजबूत होती हैं।

